List of 100 government assets has been made   It will raise about 5 lakh crore rupees| भारत के सरकारी खजाने जल्द बिकेंगे 5 लाख करोड़ में सुधरेगी अर्थव्यवस्था

List of 100 government assets has been made   It will raise about 5 lakh crore rupees| भारत के सरकारी खजाने जल्द बिकेंगे 5 लाख करोड़ में सुधरेगी अर्थव्यवस्था
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Government property worth Rs 5 lakh crore will be sold, the list of 100 assets is ready!


 Ever since the Modi government has come, our country is progressing at a rapid pace. The aim of the economy is to move to 5 trillion soon. The Modi government has decided to privatize many commissions soon so that the Indian economy can be improved and

 NITI Aayog has also identified 100 important government assets.  The NITI Aayog has asked different ministries to identify assets worth privatizing.  NITI Aayog has suggested that the government should move fast in the direction of privatization.


 Preparation to accelerate privatization effort


 List of 100 government assets has been made
 It will raise about 5 lakh crore rupees


 The Modi government is taking all possible steps to take the country's economy up to $ 5 trillion.  Under this, preparations are on to raise Rs 5 lakh crore through privatization in the next four years.  For this, a list of 100 government assets has been made.


 Speed ​​up instruction


 In a workshop organized for asset monetization this week, the Department of Investment and Public Asset Management (DIPAM) appealed to the ministries and state governments to expedite the process.


 According to a report by Economic Times, the Center has planned to raise funds of Rs 5 lakh crore through privatization in the next four years (by 2025).  For this, NITI Aayog has also identified 100 important government assets.


 Significantly, the Modi government has set a target to reach the country's economy by $ 5 trillion by the year 2025.  Due to Corona, the country's economy has gone into recession, the government's earnings have been severely hurt, in spite of this, the government has not backed down from its target.


 Identification of property worth privatizing


 According to the report, the NITI Aayog has asked different ministries to identify assets worth privatizing.  NITI Aayog has suggested that the government should move fast in the direction of privatization.  Therefore, keeping in mind all the procedures, a directive has been issued to start preparations from now.




 31 important properties of 10 different ministries and public sector enterprises have been identified and its list has also been submitted to the concerned ministries.


 You can earn from these assets


 These government properties include toll roads, ports, cruise terminals, telecom infrastructure, oil and gas pipelines, transmission towers, railway stations, sports stadiums, mountain railways, operational metro sections, warehouses and commercial complexes..


बिकेगी 5 लाख करोड़ रुपये की सरकारी संपत्ति, 100 एसेट की लिस्ट तैयार! 

जब से मोदी सरकार आई है हमारा देश तेजी से प्रगति कर रहा है अर्थव्यवस्था जल्दी से ही 5 ट्रिलियन ले जाने का लक्ष्य मोदी सरकार ने निर्णय लिया है जल्दी ही बहुत सारे आयोगों को प्राइवेट करने की सोची है जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था में सुधार किया जा सके और
नीति आयोग ने 100 महत्वपूर्ण सरकारी संपत्ति की पहचान भी कर ली है. नीति आयोग ने अलग-अलग मंत्रालयों से कहा है कि वे निजीकरण करने लायक संपत्ति की पहचान करें. नीति आयोग ने निजीकरण की दिशा में सरकार को तेजी से बढ़ने का सुझाव दिया है.

निजीकरण प्रयास में तेजी लाने की तैयारी


100 सरकारी एसेट की बन गई लिस्ट


इनसे करीब 5 लाख करोड़ रुपये जुटेंगे


मोदी सरकार देश की अर्थव्यवस्था को 5 ट्रिलियन डॉलर तक ले जाने के लिए हर संभव कदम उठा रही है. इसी के तहत साल अगले चार साल में निजीकरण के जरिए 5 लाख करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी चल रही है. इसके लिए 100 सरकारी एसेट की लिस्ट बना ली गई है. 

तेजी लाने का निर्देश 

इसी हफ्ते एसेट मोनेटाइजेशन को लेकर आयोजित एक वर्कशॉप में निवेश एवं लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) ने मंत्रालयों और राज्य सरकारों से अपील की कि वह इस प्रक्रिया में तेजी लाए.

इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार  केंद्र ने अगले चार साल में (2025 तक) निजीकरण के जरिए 5 लाख करोड़ रुपए का फंड इकट्ठा करने की योजना बनाई है. इसके लिए नीति आयोग ने 100 महत्वपूर्ण सरकारी संपत्ति की पहचान भी कर ली है

गौरतलब है कि मोदी सरकार ने साल 2025 तक देश की अर्थव्यवस्था को 5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है. कोरोना के कारण देश की अर्थव्यवस्था मंदी के दौर में चली गई, सरकार की कमाई को भारी चोट पहुंची है, इसके इसके बावजूद सरकार अपने लक्ष्य से पीछे नहीं हटी है. 

निजीकरण करने लायक संपत्ति की पहचान

रिपोर्ट के मुताबिक, नीति आयोग ने अलग-अलग मंत्रालयों से कहा है कि वे निजीकरण करने लायक संपत्ति की पहचान करें. नीति आयोग ने निजीकरण की दिशा में सरकार को तेजी से बढ़ने का सुझाव दिया है. इसलिए तमाम प्रक्रियाओं को ध्यान में रखते हुए अभी से तैयारी शुरू करने का निर्देश जारी किया गया है.  

10 अलग-अलग मंत्रालयों और पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइजेज की 31 महत्वपूर्ण संपत्तियों की पहचान की जा चुकी है और इसकी लिस्ट भी संबंधित मंत्रालयों को सौंपी जा चुकी है.

इन संपत्तियों से हो सकती है कमाई 

इन सरकारी संपत्तियों में टोल रोड, पोर्ट, क्रूज टर्मिनल, टेलिकॉम इन्फ्रास्ट्रक्चर, ऑयल एंड गैस पाइपलाइन, ट्रांसमिशन टॉवर, रेलवे स्टेशन, स्पोर्ट्स स्टेडियम, माउंटेन रेलवे, ऑपरेशनल मेट्रो सेक्शन, वेयरहाउसेस और कॉमर्शि‍यल कॉम्प्लेक्स शामिल हैं.


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