UP TGT PGT syllabus MAths, English, Hindi , science, physics etc subject download

 

उ0प्र0 माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड,
23, एलनगंज, इलाहाबाद-211002
पाठ्यक्रम

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प्रशिक्षित स्नातक
विषय-गणित (06)


वाणिज्य/गणित


-काम समय और चाल समय, चक्रवृद्धि ब्याज, बैकिंग, कराधान, प्रारम्भिक
नियमों का प्रवाह सचित्र ।
सांख्यिकी-बारंबारता बटन, सांख्यिकी आकड़ों का आलेखीय निरूपण, केन्द्रीय प्रवृत्ति की
मापे, विक्षेपण की मापे, जन्म/मृत्यु सांख्यिकी, सूचकांक ।
बीजगणित-करणी, बहुपद और उनके गुणनखण्ड, लघुगणक, दो अज्ञात राशियों के रेखिय
समीकरण, बहुपदों के महत्तम समापर्वतक और लघुत्तम समापवर्त्य एक घातीय तीन अज्ञात
राशियों के युगपत सनीकरण, द्विघात बहुपद के गुणनखण्ड, द्विघात समीकरण, अनुपात व
समानुपात, संख्या पद्धति समुच्चय संक्रियायें, प्रतिचित्रण।
सारणिक-परिभाषा, उपसारणिक एवं सहखण्ड, 3x3 क्रम तक के नागरिक का विस्तार
सारणिक के सामान्य गुण यमर के नियम की सहायता से n रैखिक समीकरणों (n=3) के
निकाय का हल, आव्यूह के प्रकार, 3x3 क्रम तक के आव्यूहों का योग का गुणनफल
परिर्वतन आव्यूह सममित और विषम सममित आव्यूह, का प्रतिलोम आव्यूह की सहायता से
तीन अज्ञात राशियों के युगपत समीकरण का हल, समीकरण सिद्धान्त, मूलों के सममित
फलन. अंकगणितीय, गुणोत्तर. हरात्मक. श्रेणियां, तथा प्राकृतिक संख्याओं के वर्गो और
घनों के पदों से बनी श्रेणी का योग । क्रमचय और संचय, द्विपद प्रमेय, चरघातांकी और
लघुगणकीय श्रेणी का योग।
प्रायिकता-योग तथा गुणन के सिद्धान्त।
समुच्चय सिद्धान्त-समुच्च बीजगणित के नियम, तुल्यता, संबंध, प्रतिचित्रण, प्रतिचित्रणों का
संयोजन प्रतिलोम प्रतिचित्रण, पियानों के अभिगृहीत तथा आगमन अभिगृहित के प्रयोग।
आंशिक समूह और समूह समाकारिता. उपसमुच्चय द्वारा जनित उपसमूह, चक्रीय समूह,
किसी अपयव की कोटि, चक्रीय समूह के उपसमूह, सहसमुच्चय वियोजन, लैंगराज प्रमेय।
वास्तविक विश्लेषण-वास्तविक संख्याओं की अभिगृहीतियों, समुच्चयों की गणनीयता दूरी
समष्टि, सामीप्य, विवृत समुच्चय, संवृत समुच्चय, ब्युत्पन्न समुच्चय सघन समुच्चय परिपूर्ण
समुच्चय बोल्जैनों-विस्ट्रास प्रमेय सहित अन्य सामान्य प्रमेय। वास्तविक संख्याओं के
अनुक्रम-अनुक्रम की सीमा, अधिकारी अनुक्रम, अपसारी, अनुक्रम परिबद्ध अनुक्रम, एकदिष्ट
अनुक्रम, अभिसारी अनुक्रमों की संकिया, कोशी अनुक्रम, सीमा संबंधी कोशी प्रमेय और
वास्तविक अनुक्रन की अभिसरिता पर कोशी सिद्वान्त । सीमा व सातत्य यास्तविक मान वाले
फलनों की सीमा, वाम पक्ष और दक्षिण पक्ष सीमा, फलन का सातत्य. संतत फलनों की
विशेषताएं, असातत्य और इसके प्रकार।
त्रिकोणमिती-वृत्तीय माप तथा विशिष्ट कोणों के त्रिकोणीमितीय अनुपात, दो कोणों के योग
और अन्तर के तथा किसी कोण के अपवर्त्य एवं अपवर्तक कोणों के त्रिकोणमितीय अनुपात.

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त्रिकोणमितीय सर्वतमिकायें, त्रिकोणमितीय समीकरण, त्रिभुज का हल, परिगम अन्त एवं

याहय वृत्तों की त्रिज्यायें एवं गुण, प्रतिलोम वृत्तीय फलनों के सामान्य गुण।

सम्मिश्र संख्यायें-उनके योग तथा गुणनफल, डिमाइवर प्रमेय और इसका प्रयोग उचॉई और

दूरी। सम्मिश्र राशियों के चरघातांकीय फलन, वृत्तीय फलन एवं हाइपर |

बोलिक फलन-वास्तविक व अधिकल्पित भागों में पृथक्करण।

ज्यामिती-बोधायन पाइथागोरस सिद्वान्त व इसका विस्तार, वृत्त व वृत्तखण्ड, वृत्त के चाप

व जीया वृत्त की स्पर्श रेखा, एकांतर वृत्त खण्ड और उसके कोण, जीवा के खण्ड और

उनसे निर्मित आयत, रेखीय सममतल आकृतियों की समरूपता।

निर्देशांक ज्यामिती-कातीय तल, रेखा, द्वितीय घात के व्यापक समघातीय समीकरण, द्वारा

निरूपित सरल रेखा युग्म। इनके बीच का कोण व अर्धकों के युग्म का समीकरण,

समकोणीय कातीर्य निर्देशांकों में शंकव (वृत्त, परवलय, दीर्घ वृत्त व अति परवलय) के

मानक समीकरण व प्राचलिक समीकरण, द्विघात व्यापक समीकरण द्वारा रेखा युग्म, वृत्त,

परवलय दीर्घवृत्त व अति परपलय निरूपति करने के प्रतिबन्ध, मूल बिन्दु व अक्षों के

स्थानान्तरण की सहायता से वृत्त, परवलय, दीर्घवृत्त व अतिपरवलय के समीकरण प्राप्त

करन, शांकय के किसी बिन्दु पर स्पर्शी व अभिलम्ब-छेदक रेखा का शांकय से प्रतिच्छेदन,

सीमान्त स्थिति, में इसके स्पर्शी होने का प्रतिबन्ध, स्पर्शियों के प्राचलिक समीकरण, वाहा

बिन्दु से शांकव पर स्पर्शी युग्म। शांकव के किसी बिन्दु पर अभिलम्ब का समीकरण-स्पर्श

करने अथवा अविलम्ब होने का प्रतिबन्ध, धुवीय निर्देशाकों (द्विविगीय) में शांकव का मानक

समीकरण, गोला, शंकु व बेलन का त्रिविमीय ज्यामिती।

कलन-अवकलन-अवकलन की परिभाषा, बीजीय, त्रिकोणमितीय, चरघातांकी तथा

लघुगणकीय फलनों का अवकलन, स्पर्शरेखा व अभिलम्ब, एक चर राशि के फलन के

उच्चिष्ठ व निम्निष्ठ सरल वक्रों का अनुरेखण। समाकलन-खण्डशः तथा प्रतिस्थापन से

समाकलन, आंशिक भिन्नों की सहायता से समाकलन, निश्चित समाकलन व इसके प्रयोग

समतलीय वक्रों के अन्तर्गत क्षेत्रफल, बेलन, शंकुव गोले के अवकलन व पृष्ठ ज्ञात करने में

समीकरण अवकलन समीकरण की कोटि व घात । गुरूत्वाधीन सरल रेखीय सरल गति के

उदाहरणों में निम्नलिखित रूप से समीकरणों को हल करना-

edy/cdx = J(x) (ii) do/dx= f(x) (iii) (y)(3)/lx2 = (x)

सदिश विश्लेषण-क्रमिक युग्म व क्रमिक त्रिक के रूप में स्थित संदिश, विस्थापन सदिश

मुक्त सदिश, इकाई सदिश, मापांक तथा दिक्कोजया, बराबर सदिश, सदिशों के योग (बल,

वेग, त्वरण) का संयोजन। दो सदिशों का अन्तर-सापेक्ष वेग, सदिशों का अदिश व

सदिश गुणन। कार्य की गणना, बल आघूर्ण व टार्क की गणना में इनका प्रयोग। सदिशों

का त्रिगुणन।

स्थिति विज्ञान-तीन बल लगे पिण्डों का संतुलन, लामी का प्रमेय, त्रिभुज का नियम

त्रिकोणमितीय प्रमेय एवं दो समकोणीय बलों में नियोजन। संतुलन के सामान्य प्रतिबन्ध

गुरुत्व केन्द्र।

गति विज्ञान-गुरूत्व के अधीन उध्वधिर सममतल में गति प्रक्षेप्य की गति, कार्य, उर्जा,

सामर्थ्य एम०के०एस० प्रणाली में गणना।


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