TGT PGT News|चयन बोर्ड प्रतियोगियों के साथ बहुत बड़ा छलावा

 *चयन बोर्ड प्रतियोगियों के साथ बहुत बड़ा  छलावा=*  माध्यमिक शिक्षा जगत के अब तक के सबसे बड़े मुकदमे की सुनवाई करके सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने सिविल अपील संख्या 8300/ 2016 संजय सिंह व अन्य बनाम उत्तर प्रदेश सरकार व अन्य केस में अंतिम निर्णय करते हुए असंवैधानिक तथा अवैधानिक नियुक्ति होने पर भी तदर्थ शिक्षकों को तत्काल सेवा से न निकालकर संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत शक्ति का प्रयोग करके रिलीफ देकर सुप्रीम कोर्ट ने इनको चयन बोर्ड द्वारा आयोजित एकमात्र सामान्य खुली भर्ती परीक्षा में सम्मिलित होने तथा इनको भारांक देने का आदेश दिया है । कोर्ट ने कहा है कि खुली प्रतियोगिता में ही एलटी  वेतन क्रम में लिखित परीक्षा में भारांक जोड़कर तथा प्रवक्ता वेतन क्रम में लिखित परीक्षा तथा साक्षात्कार के साथ  भारांक जोड़कर मेरिट बनाई जाएगी। सभी सफल तदर्थ/ अल्पकालिक शिक्षकों को स्थाई कर दिया जाएगा। साथ ही उनकी पुरानी सेवा भी जोड़ दी जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि अल्पकालिक रिक्ति के सापेक्ष माध्यमिक शिक्षा अधिनियम 1921 की धारा 16 E(11) के तहत केवल 11माह के लिए नियुक्त अल्पकालिक शिक्षकों को ही भारांक उनकी सेवा के आधार पर निर्धारित किया जाएगा। वस्तुतः कोर्ट ने भारांक निर्धारित करने का अधिकार उत्तर प्रदेश शासन तथा चयन बोर्ड को देते हुए यह कहा है कि इस संबंध में कोई वाद न्यायालय में मान्य नहीं होगा। *तदर्थ/ अल्पकालिक शिक्षकों का एकमात्र लक्ष्य भारांक को 50 अंक से भी अधिक निर्धारित कराने का है। अनेक कद्दावर सत्ता पक्ष के नेता तथा शिक्षक विधायक एवं अन्य विधायक शासन पर दबाव डालकर उनसे सांठगांठ करके* भारी मात्रा में भारांक दिलाने का प्रयास कर रहे हैं ।उनकी योजना है की लिखित परीक्षा में 33% कट ऑफ निर्धारित कर  दिया जाए तथा इस कटाफ को पार करने वाले सभी तदर्थ/ अल्पकालिक शिक्षकों को पास घोषित किया जाए। साथ ही इनके लिखित परीक्षा के अंक में भारी संख्या में प्राप्त भारांक को जोड़कर मेरिट बनाकर इन सब को पास करा दिया जाए ।यदि ऐसा होता है तो अनेक वर्षों से चयन बोर्ड की परीक्षा के माध्यम से टीजीटी तथा पीजीटी के पदों पर नियुक्ति का सपना देखने वाले हजारों चयन बोर्ड प्रतियोगिताओं का सपना चूर चूर हो जाएगा क्योंकि इतनी भारी संख्या में भारांक प्राप्त कर लेने के बाद इतने कम कट ऑफ पर पास होकर प्रतिस्पर्धा करने वाले तदर्थ/ अल्पकालिक शिक्षकों के द्वारा ही अधिकांश पद पर कब्जा कर लिया जाएगा और चयन बोर्ड प्रतियोगियों को चयन से वंचित हो जाना पड़ेगा। हम सभी चयन बोर्ड  *प्रतियोगियों को एकजुट होकर सोशल मीडिया के माध्यम से जागरूकता फैलाकर तथा मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा जी तथा अपर मुख्य सचिव (माध्यमिक शिक्षा ) उत्तर प्रदेश शासन श्रीमती आराधना शुक्ला जी के पास टि्वटर के माध्यम से या पत्र भेजकर अपना पक्ष मजबूती से रखना होगा और सत्ता पक्ष के मंत्रियों विधायकों तथा अन्य नेताओं के माध्यम से सरकार पर दबाव बनाकर तदर्थ/ अल्पकालिक शिक्षकों को केवल अधिकतम 15 अंक भारांक दिलाने हेतु प्रयास करना होगा । सभी साथी जागरूक होकर जुट जाएं। समय कम है और विपक्षी बहुत मजबूत स्थिति में है तथा दिन-रात इस हेतु मंत्रियों और विधायकों के माध्यम से मुख्यमंत्री तथा माध्यमिक शिक्षा मंत्री एवं अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा से मिलकर साठगांठ करके यह दुष्चक्र किया जा रहा है । हमें सावधान रहना है और यदि हमें अपना भविष्य संवारना है तो इस संबंध में अधिकतम 15 अंक भारांक से अधिक न देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार* पर सभी प्रकार से दबाव बनाने का प्रयास करना चाहिए।  7अगस्त 1993से लेकर वर्ष 2019तक अवैधानिक रूप से नियुक्त   सभी तदर्थ/अल्पकालिक शिक्षक सुप्रीम कोर्ट के आदेश की परिधि में आने के कारण एकमात्र खुली प्रतियोगिता में भाग लेने के बाद असफल होने पर हटाने के योग्य हैं। अतः हमारी तीन मांगे होनी चाहिए ( 1)- सुप्रीम कोर्ट के आदेश में कहीं भी निश्चित तिथि का उल्लेख नहीं किया गया है अतः वर्तमान समय में  7 अगस्त 93 से लेकर 2019 तक जितने भी अवैधानिक रुप से नियुक्त तदर्थ/अल्पकालिक शिक्षक हैं, उन सबको इस निर्णय से आच्छादित करते हुए इनके ऊपर कार्यवाही सुनिश्चित की जानी चाहिए । (2)- कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट रुप से लिखा है कि भारांक का लाभ अल्पकालिक रिक्ति के संबंध में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा अधिनियम 1921की धारा 16  E (11) के तहत नियुक्त ऐसे अल्पकालिक शिक्षकों जो  किसी विशेष एसएलपी संख्या तथा उससे जुड़ी आइ ए के पक्षकारों  हों ,उनको ही भारांक का लाभ दिया जाए  । अतः इस केस से जुड़े केवल धारा 16 E (11) के तहत नियुक्त अल्पकालिक शिक्षकों /पक्षकारों को ही भारांक का लाभ दिया जाए।(3)-भारांक अधिकतम 15 अंक ही दिया जाना चाहिए तथा इससे अधिक भारांक किसी भी दशा में न दिया जाए।                          आपका ...........युवा साथी

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