pariyon ki kahani cinderella| परियों की कहानी

 pariyon ki kahani cinderella| परियों की कहानीकहानी


pariyon ki kahani cinderella| परियों की कहानीकहानी

pariyon ki kahani cinderella| परियों की कहानीकहानी


 एक समय की बात है एक गांव में एक जमीदार रहता था लोग अक्सर कहते थे की परिया रात को आती हैं और जो मिठाइयों की दुकान होती हैं गांव के चौराहे पर उन मिठाइयों को परियां खरीद कर ले जाती हैं और ऐसे वेश में आती हैं सारे मुंह से कपड़ा ढक लेती हैं किसी को यह पता नहीं चलता है कि इसमें कौन है अक्सर ऐसी कहानियां सुनने को जमीदार कई बार कहानी सन चुका था कुछ लोग गांव वाले यह कहते थे परियां रात में आती हैं और चांदी के त्रिपाल पर एक घने जंगल में बैठकर नाचगाना करती हैं और खूब सारी मिठाईयां खाती हैं और जो भी उनको दिखता है उनके लिए भी वह मिठाई दे देती हैं ऐसा ही एक गांव की बात है उस गांव का नाम रोंडा था उस गांव में एक जमीदार त्यागी थे|


 जो बहुत ही धनवान थी उनको इस बात पर कभी भी विश्वास नहीं होता था कि परियां भी कोई चीज होती है वह किसी का विश्वास ही नहीं करते थे फिर क्या होता है एक दिन ऐसा होता है बहुत तेज की धूप होती है फिर शाम होते होते अतः अचानक आंधी तूफान आ जाता है और जमीदार भागते दौड़ते अपने घर को और आते हैं उस समय खेतों में धान की फसल होती है धान की फसल पकने ही वाली होती है बालियों का रंग पीला सा गया है और उन पर चिड़िया भी दानों को खाने लगी हैं और कुछ किसान लोग तो धान की खेती को उसके जो नीचे का भाग होता है धान के पौधे का उसको अलग करके धान निकाल रहे होते हैं खेतों में लेकिन बरसात के कारण क्या होता है सारी फसल बर्बाद हो जाती है जो जमीदार होते हैं उनके पास बहुत सारी खेती होती है यह बात एक गांव जो कि मुरादाबाद जिले उत्तर प्रदेश ब्लॉक मुंडापांडे में पड़ता है वहां की बात है और यह काफी पुरानी कहानी है और काफी हद तक इस कहानी में सच्चाई है आगे चलते हैं इस कहानी में क्या होता है मैं तुम को आगे की ओर ले जाता हूं आखिर


pariyon ki kahani cinderella| परियों की कहानी,  परिया कैसे नाच गाना करती है आइए हम आपको बताते हैं|

 अक्सर अपने लोगों के मुंह से ही सुना होगा की की परियां रात को आसमान में हवा की रफ्तार से उड़ती हैं परियां लेकिन मैं आपको एक हकीकत से रूबरू कराता  हूं हां तो हम बात कर रहे थे कि  किसान की फसल बर्बाद हो जाती है वह जमीदार लगभग रात के 12:00 बजे उठकर जब है जंगल की ओर जाते हैं तो उनको दिखता है कि एक शीशम का पेड़ होता है वहां पर संगीत की आवाज सुनाई पड़ती है और कुछ दो चार परियां नाच गाना कर रही होती है जो जमीदार होते हैं काफी दिलदार होते हैं और काफी हिम्मत वाले होते हैं वह डरते नहीं हैं वहां जाकर बैठ जाते हैं उन्होंने देखा कि परिया नाच गाना कर रही होती हैं वह उसी चादर पर बैठ जाते हैं जिस पर वह परिया नाचगाना कर रही होती है अंत में वह जब परियों ने अपना प्रोग्राम समाप्त किया तो वह उनको प्रसाद ग्रहण कराया परियों ने प्रसाद में उनको मिठाई दी मिठाई खाकर जमीदार अचानक कुछ कह नहीं पाते हैं और परियां उनसे कह रही होती है कि आप किसी को यह नहीं बताएंगे कि हमने परियां देखी थी तो जमीदार हां बोल देते हैं रात का काला अंधेरा होता है साए साए की आवाज आ रही होती है लेकिन दूर दूर तक कोई भी व्यक्ति दिखाई नहीं देता है ऐसे मौसम में जमीदार वहां बैठे रहते हैं अंत में जब पड़ी परियां आसमान की ओर उड़ती हैं तब वह जिस चादर पर वह बैठे होते हैं उस चादर का एक सिरा पकड़ लेते हैं जिस कारण वह चादर उनके पास रह जाती है और वह दूसरे दिन सुबह को लोगों से कहते हैं कि मैंने रात को परियों से मिला था लेकिन कोई भी गांव वाला उनका यकीन नहीं करता है लेकिन जब उन्होंने उस चादर को दिखाया जो की परियों की थी उस चादर को देखकर गांव वाले हैरान हो जाते हैं और उनको विश्वास हो जाता है क्योंकि वह चादर एक नई प्रकार की चादर थी जो कभी भी किसी गांव वाले ने नहीं देखी थी और यह चादर आज भी शायद उस गांव मैं है जो कि आपको मैंने यह कहानी बताएं यह बिल्कुल सही कहानी है जो कि मेरे दादा दादा जी मुझे बताते थे वही कहानी मैंने आपको बताई आपको यह कहानी कैसी लगी जरूर बताएं और यह बात रहे इस चादर की यह चादर मैंने भी देखी है काफी अजीब तरह की चादर है धन्यवाद दोस्तों आपको इतनी बड़ी कहानी को ध्यान से पढ़ने के लिए

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